

क्या आप इन समस्याओं से मुक्ति चाहते है?
तो फिर हम आप की मदत कर सकते है ।
क्या है ये मल्टीप्लायर तकनीक ....
१३ साल के अथक और गहरे संशोधन से इस तकनीक का निर्माण हुआ है।
इसके इस्तेमाल से निम्नलिखित परिणाम मिलते है।


समय- अन्य ऑर्गैनिक पद्धती में पहले 2 से 3 साल उत्पादन घटता है और फिर धीरे धीरे बढ़ता है। इतना इंतजार ज्यादातर किसान नहीं कर सकते।
कष्ट- अन्य ऑर्गैनिक पद्धती में शारीरिक कष्ट बहुत ज्यादा करना पड़ता होता है। नई पिढी इतना कष्ट करने के लिए उत्सुक नही। मल्टीप्लायर तकनीक में कष्ट कम से कम होता है।
खर्च - अन्य ऑर्गैनिक पद्धती में गोबर से लेकर अन्य कई बाहरी चीजें भी आवश्यक होती है। खर्च बढ़ जाता है।मल्टीप्लायर तकनीक से खर्च 80% घटकर 7 साल बाद शून्य हो जाता है।
उपलब्धता - देसी गाय कई जगह पर उपलब्ध ना होने के कारण देसी गाय का गोबर आसानी से नहीं मिलता।
30/35 साल से ऑर्गैनिक खेती का प्रचार हो रहा है, मगर भारत के 1% किसान भी सेंद्रीय खेती नहीं कर रहे है। सिर्फ 7 साल में भारत के 27 राज्यों के लगभग 500 से अधिक जिलों के लाखों किसान आज मल्टीप्लायर तकनीक 91 से अधिक फसलों के लिए इस्तमाल कर रहे है।




कन्हैया पटेल सर जी के कारण अनेक किसानों का जीवन समृद्ध हो रहा है। १ करोड एकड को ऑर्गनिक बनाने के,और 3 गुना फायदे में लाने के मिशन में उनका बड़ा योगदान है।






गेहूं : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) गेहू के खेत में मल्टिप्लायर का उपयोग करने से रासायनिक खाद की कोई आवश्यकता नहीं लगी
2) पानी की कमी थी उसके बावजूद बाली (लोम) की लम्बाई ज्यादा मिली!
3) मल्टीप्लायर की ताकत का अद्भुत प्रदर्शन, बिना पानी गेहूं का उत्पादन
4) प्रति एकड़ 21-22 क्विंटल उत्पादन मिलना है; खर्च में कोई बढ़ोतरी ना होकर उत्पादन बढ़कर मिल रहा है
धान : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए वाक्य पर क्लिक करें।
1) धान की फसल 15 फुट पानी में 03 दिन तक डूबी हुई थी बावजूद चमत्कारी अनुभव हुआ
2) धान के पौधों में ३० से ४० तक फुटवे (कल्ले), उत्पादन प्रति एकड़ १० क्विंटल के लगभग ज्यादा मिलेगा !
3) पिछले मिनिमम उत्पादन के मुकाबले मल्टीप्लायर तकनीक का उत्पादन तीन गुना हो गया है तथा पिछले मैक्सिमम उत्पादन से डबल हो गया है
4) जिस खेत से उत्पादन में बड़ी घट की संभावना थी, अब उस खेत से बढ़ा हुआ उत्पादन मिलेगा !
5) मल्टीप्लायर तकनीक वाली इस धान की फसल को, मिल सकता है रेकार्ड ब्रेक उत्पादन का पहला पुरस्कार; उत्पादन प्रति एकड़ 40 क्विंटल से ज्यादा मिलने की संभावना है
6) खर्च रासायनिक से आधा, उत्पादन २५ प्रतिसत ज्यादा
मक्का (कनिस): विभिन्न परिणाम देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) उत्पादन ३४ प्रतिसत ज्यादा मिला, मक्का के दाने बड़े-बड़े और देखने में आकर्षक होने के कारण, किसान भाइयों ने बीज के लिए २००० रुपये क्विंटल के भाव से खरीद लिया !
2) मल्टीप्लायर और सिर्फ रासायनिक का फरक स्वयं देखिये !
3) सूखे की स्तिथि में, रासायनिक खेती की फसलें जल रही थी, मल्टीप्लायर तकनीक की फसलें बढ़ रही थी
4) प्रत्येक पौधे को कम से कम २ भुट्टे लगे हैं, भुट्टे का आकार भी बड़ा है और भुट्टे में दानों की संख्या भी ज्यादा है
5) स्टंप ज्यादा होने के कारण बड़े आकर के भुट्टे लग रहे हैं, भुट्टे का वजन 650 से 700 ग्राम तक है
सरसों : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) सरसों में जबरदस्त फ्लावरिंग आई है
2) पानी की कमी का कोई प्रभाव नहीं है
3) फसल में शाखाओं की संख्या ज्यादा मिली, ऊंचाई भी रेकार्ड थी
4) सरसों का उत्पादन डबल हो जायेगा !
आलू : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) आलू के उत्पादन में 80% की बढ़त
2) ५०० किलो आलू लगाया था वहां ७५०० से ८००० किलो तक उत्पादन मिला है
3) फसल ताकतवर बन जाने से किड रोग कंट्रोल में रहे, उत्पादन भी बढ़कर मिला
4) प्रत्येक पौधे के नीचे २५ से ज्यादा आलू तैयार हो रहे हैं, रेकॉर्डब्रेक उत्पादन मिलेगा ऐसा सभी का कहना है
जीरा : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) जीरा फसल में, शाखाओं की संख्या ज्यादा मिलने से उत्पादन बढ़कर मिलना है
2) जीरा फसल की ग्रोथ लगातार बनी हुई है ब्रांचिंग ज्यादा होने के कारण उत्पादन बढ़कर मिलेगा
हल्दी: विभिन्न परिणाम देखने के लिए नीचे दिए वाक्य पर क्लिक करें।
1) अविश्वसनीय परिणाम : हल्दी में करक्यूमिन का प्रमाण 3.14 से 5.43 मिला है।
2) उत्पादन ९० प्रतिसत बढ़ गया !
3) मल्टिप्लायर से हल्दी की फसल में किड रोग नहीं है, रासायनिक खाद का स्प्रे नहीं किया तो खर्च भी कम हुआ l
4) हल्दी की फसल में खर्च कम कर के भी उत्पादन बढ़कर मिला l
हरभरा, चना : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) चने की फसल में ४ एकड़ में ४४ क्विंटल उत्पादन मिला
2) शाखाओं की संख्या ज्यादा है, लगभग प्रत्येक पत्ती के पास फूल आ रहे हैं, निश्चित उत्पादन बढ़कर मिलेगाशाखाओं की संख्या ज्यादा है, लगभग प्रत्येक पत्ती के पास फूल आ रहे हैं, निश्चित उत्पादन बढ़कर मिलेगा
अरहर : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) मसूर दाल में उत्पादन ३ गुना बढ़ गया
2) शेडयूल तूर (अरहर) मसूर-उड़द-मूंगशेडयूल तूर (अरहर) मसूर-उड़द-मूंग
कपास के विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) कपास की १०० प्रतिसत आर्गनिक खेती मल्टीप्लायर के साथ प्रत्येक पौधे पर २०० तक बोंड !
2) सभी विपरीत परिस्तिथियों पर मात करके दो एकर में १७ क्क्विंटल तक उत्पादन !
3) कपास की फसल में कैरी की संख्या गिनते-गिनते थक जायेंगे !
गन्ना : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) किसान भाई को प्रति एकर 103 टन उत्पादन मिला है!
2) २ एकड़ में १७५ टन उत्पादन !
3) खर्चा कम होने के बावजूद उत्पादन बढ़कर 80 टन मिला है।
4) पहले पांच एकड़ से 150 टन तक उत्पादन मिलता था, अभी किसान भाई का कहना है की, इस बार 400 टन तक उत्पादन मिलेगा !
सोयाबीन: विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) कोल्हापुर जिले में एकरी १० क्विंटल से ज्यादा उत्पादन नहीं मिलता, इस खेत से डेढ़ एकर क्षेत्र में 23 क्विंटल उत्पादन मिला है।कोल्हापुर जिले में एकरी १० क्विंटल से ज्यादा उत्पादन नहीं मिलता, इस खेत से डेढ़ एकर क्षेत्र में 23 क्विंटल उत्पादन मिला है।
2) एक पौधे पर फली की संख्या २०० तक हैं ।एक पौधे पर फली की संख्या २०० तक हैं ।
3) १०० प्रतिसत ऑर्गेनिक सोयाबीन !१०० प्रतिसत ऑर्गेनिक सोयाबीन !
4) सोयाबीन का उत्पादन डबल हो गया, 6 क्विंटल से 12 क्विंटल उत्पादन बढ़ गया।सोयाबीन का उत्पादन डबल हो गया, 6 क्विंटल से 12 क्विंटल उत्पादन बढ़ गया।
मूंगफली : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) मूंगफली फसल जबरदस्त उत्पादन की तरफ अग्रेसर।
2) मल्टीप्लायर के पहले इस्तेमाल में ही उत्पादन डबल हो गया, एक पौधे से 39 से 43 तक मूंगफली मिली हैं !
3) मूंगफली का उत्पादन डबल हो गया, एक पौधे में इतनी मूंगफली आज तक नहीं देखी !
प्याज : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) उत्पादन ६० किलो की २०० थैली के २५० थैली बढ़कर मिला
2) प्याज की खेती में रेकार्ड उत्पादन, प्याज का आकार जंबो मिला है।
ज्वार : विभिन्न परिणाम देखने के लिए नीचे दिए वाक्य पर क्लिक करें।\
1) ज्वार का कणिस (भुट्टा) देखने लायक
2) ज्वार, ज्वारी. ब्रम्हास्त्र है मल्टीप्लायर
3) ज्वारी की ऊंचाई ११ फुट से ज्यादा दिख रही है
मिर्च : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए वाक्य पर क्लिक करें।
1) मिर्ची की खेती में उत्पादन भी बढ़कर मिल रहा हैमिर्ची की खेती में उत्पादन भी बढ़कर मिल रहा है
2) मिर्ची की फसल में किड रोग का पता नहीं
3) मिर्ची की लोकल वेरायटी उत्पादन हाइब्रीड जैसा
4) मिर्ची की फसल में आधा एकड़ से ३ लाख की कमाई
5) मिर्ची की खेती में अब खर्च कम होने के बावजूद उत्पादन बढ़कर मिल रहा है
6) मल्टीप्लायर ने मिर्ची की फसल को ताकतवर बनाया
7) आधा एकड़ क्षेत्र से अभी तक ३ लाख रुपये की मिर्ची बेचीं है, अभी भी उत्पादन निकल रहा है
टमाटर: विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) कुल खर्च आठ से दस हजार हुआ है, बावजूद 80 हजार का माल बेचा है
2) इस बार मौसम फसलों के लिए अनुकूल नहीं था फिर भी उत्पादन में बढ़त 50 प्रतिसत से ज्यादा मिली !
3) किड रोग समस्या कम से कम है, इसलिए खर्च में काफी बचत हो रही है
4) उत्पादन डबल तक बढ़कर मिल सकता है
5) जहाँ २-४ टमाटर का गुच्छा लगता था, अब १० -१० टमाटर के गुच्छे लग रहे हैं
6) टमाटर की खेती से लाखों कमाने का फंडा
मेथी : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए वाक्य पर क्लिक करें।
1) मेथी फसल में उत्पादन ३ गुना मिला , भाव भी ज्यादा मिलामेथी फसल में उत्पादन ३ गुना मिला , भाव भी ज्यादा मिला
2) मेथी के उत्पादन में खर्चा १० हजार, कमाई १ लाख २० हजार
3) आर्गनिक मेथी, उत्पादन ज्यादा, खर्चा कम, कीमत ज्यादा
बैंगन : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) बैंगन की फसल में फूलों की संख्या बढ़ गई,उत्पादन ज्यादा मिलने लगा,किटक समस्या शून्य है
2) बैंगन के पौधों का रंग रूप और ग्रोथ देखने लायक है
3) शून्य उत्पादन देनेवाली बैंगन की फसल जोरदार उत्पादन देने लगी, पहला उत्पादन २५ कैरेट मिला दूसरा हार्वेस्टिंग ९० कैरेट का मिला
4) खर्चों में कमी के साथ उत्पादन ४० से ५० प्रतिसत ज्यादा मिल रहा है
5) हमेशा के मुकाबले उत्पादन डबल मिल रहा है
6) तापमान ४२ डिग्री तक होने के बावजूद पौधे हरे-भरे तथा ताजे दिख रहे हैं !
पत्तागोभी: विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) पत्ता गोभी की खेती में २० टन तक उत्पादन अपेक्षित है
2) पत्ता गोभी की खेती में किड रोग का किंचित मात्र प्रकोप नहीं है
फूलगोभी: विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) किसान भाई का कहना है की, उत्पादन रेकार्ड ब्रेक करेगा
2) गोभी की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक के साथ किड रोग समस्या पर होनेवाले खर्च में बचत हो रही ह
3) गोभी की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक के साथ फसल तेजी से बढ़ रही है
अंगूर: विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) अंगूर की १ बेल पर ३५ से ४० गुच्छे ( घड़ ) लगे हैं, साइज भी अच्छा बन रहा है, मल्टीप्लायर का लगातार इस्तेमाल होने के कारण दूसरे खर्चों में कमी आई है
2) प्रति एकड़ उत्पादन बढ़ गया है, खर्च कम से कम हो गया है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि, उत्पादन का आकार बढ़ रहा है, वह हर साल साइज बढ़ रहा है
3) अंगूर की मणि का आकार बड़ा बन रहा है, उत्पादन हमेशा के मुकाबले ज्यादा लगा!
4) 100 प्रतिसत आर्गनिक खेती !
पपीता: विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) प्रचंड गर्मी को हराकर, फसल रेकार्ड ब्रेक उत्पादन की तरफ अग्रेसर
2) पपीता पौधे में सुधार के लक्षण दिखने लगे , वायरस से निकलकर फलों से भर गई
3) पपीता के पेड़ पर अनगिनत पपई लगी हैं
केला: विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) पत्ते पीले पड़ने कि समस्या से तुरंत मुक्ति मिल गई
2) केले के घड का वजन 55 से 70 किलो मिला
3) मल्टीप्लायर तकनीक से केले की खेती. नाममात्र खर्च में 35 किलो का घड मिला है
4) 70 दिन की केले की फसल.विश्वास नहीं कर पाएंगे ग्रोथ देखकर
5) केले की फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से अब जो नए पत्ते आये हैं, काफी बड़े आकार के हैं, तथा पौधे की लगातार ग्रोथ सुरु है
6) केले की खेती में उत्पादन बढ़कर मिलेगा। इस बार 18 से 20 किलो के घड आए हैं
ककड़ी : विभिन्न परिणाम देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) ककड़ी की फसल में दूसरे सभी खर्चों की बचत हुई
2) ककड़ी का उत्पादन डबल तक बढ़ने की संभावना
3) ककडी की खेती में आधा एकड़ से 80 हजार की कमाई
4) ककड़ी के खेती में उत्पादन हमेशा के मुकाबले डबल मिल रहा हैककड़ी के खेती में उत्पादन हमेशा के मुकाबले डबल मिल रहा है
5) ककड़ी. की फसल में खर्च कम, उत्पादन ज्यादा
सीताफल: विभिन्न परिणाम देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) सीताफल की खेती में कलर डार्क ग्रीन है
2) सीताफल फलों का आकार बड़ा है, अच्छी शायनिंग है!
3) मतलब उत्पादन ना सिर्फ़ रेकार्ड ब्रेक करेगा, फल भी महाजंबो आकार के मिलेंगे
तरबूज : विभिन्न रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए वाक्य पर क्लिक करें।
1) तरबुज की खेत में उत्पादन खर्चा कम, समस्या शून्य, उत्पादन जोरदार
2) तरबुज की खेती में रासायनिक खाद तथा जहरीली दवाओं का छिड़काव नहीं हुआ
3) तरबुज फसल में प्रतिकूल परिस्तिथि में भी ३ एकड़ से ६० टन उत्पादन
4) कलिंगड़, तरबुज की खेती में हार्वेस्टिंग होने के बाद, फसल हरी दिख रही है
28 राज्यों में 111 से अधिक फसलों पर लिए हुए ऐसे हजारों रिजल्ट्स हमारे रेकॉर्ड में दर्ज है ।

प्राकृतिक व्यवस्था (NATURAL ECOSYSTEM) का पुनर्निर्माण ये मल्टीप्लायर की सबसे बड़ी देन है।विशेष बात ये है की यह कामकम कष्ट , कम खर्च और कम समय में पूरा होता है ।
1) अगर फसल की ग्रोथ रुकी हो तो ग्रोथ सुरु हो जाती है।
2) फसल में फ्लावरिंग स्टेज हो, तब ज्यादा फ्लावरिंग मिलती है।
3) फसल में फ्लावरिंग गिर जाने की समस्या से निजात मिलती है।
4) फ्लावरिंग पर आनेवाले किटक तथा रोग के अटैक कम से कम हो जाते है।
5) फ्लावरिंग सेटिंग का प्रमाण बढ़ जाता है, सेटिंग हो चुके फल गिरने के प्रमाण में तुरंत कमी आती है।
6) फसल के पत्ते हरे-हरे होना सुरु हो जाते है, अगर पत्ते हरे हों तो डार्क ग्रीन बन जाते है।
7) जिन पत्तों की ग्रोथ सुरु है, उनका आकार बड़ा बन जाता है, नए आनेवाले पत्ते बड़े आकार के आते है।
8) फसल का चहुमुखी विकास होता है, ज्यादातर फसलों में शाखाओं पर उत्पादन मिलता है, इसलिए शाखाओं की संख्या बढती है।
9) मल्टीप्लायर के इस्तेमाल के बाद फसल ताकतवर बन जाती है, इसलिए उस फसल पर किटक तथा रोगों का अटैक कम से कम हो जाता है।
10) रासायनिक खेती में फसल पर किटक और रोगों के लिए अनेक छिड़काव के बाद भी रिझल्ट नहीं मिलता, जबकि, मल्टीप्लायर के इस्तेमाल के बाद जहरीली दवाओं के छिड़काव कम से कम हो जाते हैं।
11) मल्टीप्लायर का इस्तेमाल होनेवाली फसलों पर मादी फूल ज्यादा आते है।
12) कुछ फसलों को भोजन कम मिलने के कारण उनके पत्ते लाल होनेलगते है, या पत्तों का किनारा लाल होने लगता है, जैसे कांदे की फसल में पत्तियों का अग्रभाग लाल हो जाता है, जैसे गर्मी के मौसम में भिन्डी की फसल के पत्ते पीले-पीले दिखने लगते है, जिसे यलो मोझक कहा जाता है,मल्टीप्लायर के इस्तेमाल से इन सभी समस्याओं पर निजात पाया जा सकता है।
13) मल्टीप्लायर के इस्तेमाल से उत्पादन का आकार बढ़ता है, फलों का आकार बढ़ता है।14) मल्टीप्लायर के इस्तेमाल से उत्पादन की घनता बढ़ती है इसलिए वजन बढ़कर मिलता है, जिस कैरेट में आप २० किलो माल भरते थे,उसका वजन २५ से २८ किलो आता है।
15) उत्पादन का स्वाद अप्रतिम बनता है, उत्पादन को आकर्षक कलर आता है, किसी भी फसल में जहाँ मल्टीप्लायर का इस्तेमाल हुआ है, वहां किटक तथा रोग कम से कम आते है।
16) कपास लाल पड जाने से उत्पादन प्रभावित होता है, जिस खेत में मल्टीप्लायर का इस्तेमाल होता है उस खेत की फसल लाल नहीं पड़ती, अगर पड़ती है तब भी एक छिड़काव में हरी होने लगती है।
17) मल्टीप्लायर इस्तेमाल करने से फसल का प्रकृति से सम्बन्ध जुड़ जाता है, इसलिए प्रकृति की विनाशकारी शक्तियां फसल को प्रभावित करने में अक्षम सिद्ध होती हैं, जैसे पानी की कमी में भी फसल का जिन्दा रहना।
18) मल्टीप्लायर मिटटी में २ से ३ मीटर नीचे जा चुके केंचुओं (मराठी में गांडूळ गुजराती में अड़सिया) को ऊपर बुलाकर मिटटी को उपजाऊ बनाने के काम में लगाता है, 5 से 7 साल में केंचुओं की निश्चित संख्या कार्यरत हो जाने के बाद प्रति वर्ष 120 टन केंचुआ खाद बिनामूल्य मिलता है, जब केंचुआ खाद आवश्यक मात्रा में मिलने लगता है, आपकी खेती में बाहर से एक रुपये का खाद नहीं डालना पड़ता।












हम इसे कुरियर या पोस्ट से भेजेंगे। इसका ट्रैकिंग लिंक भी हम आपको भेजेंगे जिससे आप मटेरियल कहा तक पहुँचा है,यह ट्रैक कर सकते है। फिरभी कुछ दिक्कत आती है, तो आप हमसे संपर्क कर सकते है।
बाद में मल्टीप्लायर कहां मिलेगा ?डेमो के लिए प्रोडक्ट भेजते वक्त, हम आपको निम्नलिखित जानकारी आपके व्हाट्सएप नंबर पर भेजेंगे।1.मल्टीप्लायर तकनीक की जानकारी
2. फसल का शेड्यूल
3. इस्तमाल करने की जानकारी
4. मल्टीप्लायर तकनीक के ऑनलाइन ट्रेनिंग की लिंक इसके बाद आपको सीधे कंपनी से होलसेल रेट में प्रोडक्ट मिलने की व्यवस्था हम कर देंगे।
फिर भी समस्या या अड़चन आने पर हम आपकी मदद करेंगे।
आप इसे पाव एकड़ में इस्तमाल करे। 100 ग्राम आप 8 दिन की अंतराल से 2 बार जमीन को दीजिए और स्प्रे के लिए 1 लीटर को 1 ग्राम मल्टीप्लायर इस प्रमाण से स्प्रे कीजिए। इस प्रकार से 200 ग्राम जमीन को और 50 ग्राम स्प्रे के लिए इस्तमाल हो जाएगा। 8 से 15 दिन में आपको फसल में बोहोत अच्छा परिवर्तन दिखेगा।
प्रत्यक्ष इस्तेमाल के वक्त आप दिए गए नंबर पर संपर्क करिए आपको विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

कन्हैया पटेल सर जी के कारण अनेक किसानों का जीवन समृद्ध हो रहा है। १ करोड एकड को ऑर्गनिक बनाने के,और 3 गुना फायदे में लाने के मिशन में उनका बड़ा योगदान है।